कांग्रेस नेताओं सरकारी बंगले से नहीं छूट रहा मोह, बेदखल करने की तैयारी में शिवराज सरकार

शिवराज सरकार ने कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे नेताओं को सरकारी बंगले से बेदखल करने की तैयारी कर ली है. इन्हें बेदखली का नोटिस जारी किया गया है. यदि तय अवधि में ये पूर्व मंत्री सरकारी बंगला खाली नहीं करते हैं तो सरकार बेदखली आवास नियमों के तहत जबरन बंगले खाली करवाएगी.

भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार चली गई, लेकिन कुछ पूर्व मंत्री अभी भी सरकारी बंगला छोड़ना नहीं चाह रहे हैं. राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद नए मंत्रियों के लिए बंगलों की व्यवस्था करने के क्रम में शिवराज सरकार ने कांग्रेस के सभी पूर्व मंत्रियों को बंगला खाली करने के नोटिस थमाए हैं.

लेकिन अभी तक कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे नेताओं ने बंगला खाली नहीं किया है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनकी सरकार आने के बाद भी भाजपा के कई नेताओं ने बंगला खाली नहीं किया था. ऐसे में भाजपा सरकार हमसे बंगला क्यों खाली करवाना चाहती है.

इधर, शिवराज सरकार ने कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे नेताओं को सरकारी बंगले से बेदखल करने की तैयारी कर ली है. इन्हें बेदखली का नोटिस जारी किया गया है. यदि तय अवधि में ये पूर्व मंत्री सरकारी बंगला खाली नहीं करते हैं तो सरकार बेदखली आवास नियमों के तहत जबरन बंगले खाली करवाएगी.

पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कहा, ‘मैंने आपको पहले ही पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि मेरा चार इमली स्थि​त बी—16 बंगले का आवंटन मेरे नाम पर निरंतर रखा जाए. इसके बावजूद मुझे बेदखली का नोटिस थमाया गया है. मैं आपसे पुर्ननिवदेन कर रहा हूं कि ये बंगला मेरे नाम पर निरंतर रखने का आदेश जारी करें.’

कमलनाथ सरकार में ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी नहीं मिला था बंगला
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सांसद होने का हवाला देते हुए सबसे पहले भाजपा सरकार से 23 मई 2018 को बंगला मांगा था. लेकिन, तत्कालीन शिवराज सरकार ने बंगला नहीं दिया था. कांग्रेस सरकार बनते ही सिंधिया ने पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह का चार इमली स्थिति बी-17 बंगला तत्कालीन कमलनाथ सरकार से मांगा, लेकिन वह बंगला भी उन्हें नहीं दिया गया. हालांकि बाद में ये बंगला कमलनाथ के बेटे सांसद नकुलनाथ को आवंटित किया गया था.

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