छत्तीसगढ़ की तर्ज पर खर्चों में कटौती करेगी मध्यप्रदेश सरकार, शराब पर ल

राजस्व आय बढ़ाने और खजाने की स्थिति की समीक्षा के लिए बनाई कैबिनेट कमेटी

शराब और पेट्रोल-डीजल पर कोरोना टैक्स लगा सकती है शिवराज सरकार

भोपाल। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार की तर्ज पर मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार भी कोरोना वायरस की वजह से आए आर्थिक संकट से निपटने के उपायों पर विचार कर रही है। शिवराज सरकार ने राजस्व आय की स्थिति की समीक्षा के लिए तीन मंत्रियों की एक कमेटी बनाई है, इसके सुझावों के आधार पर आय बढ़ाने और गैर जरुरी खर्चों में कटौती का निर्णय लिया जाएगा।

शिवराज सरकार ने बुधवार को राजस्व आय की समीक्षा के लिए कैबिनेट कमेटी बनाई है। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा, आदिम जाति कल्याण मंत्री मीना सिंह और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत इस कमेटी के सदस्य बनाए गए हैं। प्रमुख सचिव वित्त इस समिति की बैठक आयोजित कराने संबंधी व्यवस्थाएं करेंगे।

मंत्रियों की यह कमेटी कर और गैर कर राजस्व की स्थिति और उसमें कोविड-19 संकट से आई कमी को देखेगी और संभावित स्थिति का आकलन करेगी। राजस्व आय से संबंधित अनुबंध और उनके सामने आने वाली बाधा को दूर कर आय बढ़ाने के उपायों पर सुझाव समिति देगी।

संभावना जताई जा रही है कि जल्दी ही मध्यप्रदेश सरकार भी दिल्ली, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश की तर्ज पर मध्यप्रदेश में शराब और पेट्रोल तथा डीजल पर कोरोना सेस लगा सकती है। देशी शराब को पांच रुपये तक महंगा किया जाएगा। विदेशी मदिरा के दाम दस से पचास रुपये तक बढ़ सकते हैं। इसी तरह पेट्रोल और डीजल के दामों में भी दो से पांच रुपये तक का इजाफा किया जाएगा। वाणिज्यिक कर विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। कमेटी की सहमति मिलने के बाद आय बढ़ाने के लिए इन उपायों को लागू किया जाएगा।

वहीं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के बजट में 30 फीसदी की कटौती करने संबंधी निर्णय को भी मध्यप्रदेश सरकार देख रही है। इस आधार पर गैर जरुरी खर्चों में कटौती और विभागों के बजट में कमी की तैयारी है। सरकार नए निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा सकती है। पुराने कार्यों के मामले में आवश्यकता पर प्राथमिकता को तरजीह दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने भी शराब पर लगाया कोरोना टैक्स

छत्तीसगढ़ में शराब पर राज्य सरकार ने कोरोना टैक्स (Corona Tax) लगा दिया है. इस फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ में शराब (Liquor) तकरीबन 10 फीसदी महंगी हो जाएगी। सरकार के आदेश के मुताबिक शराब की बिक्री पर ‘कोरोना सेस’ लगेगा। सरकार ने देसी और विदेशी शराब के लिए अलग दर तय की हैं। विदेशी शराब पर की एमआरपी पर 10 फीसदी ये नया टैक्स लगेगा। जल्द ही टैक्स को लेकर आदेश भी जारी कर दिया जाएगा. टैक्स लगाने का फैसला बुधवार को हुई कैबिनेट की अहम बैठक में लिया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 (COVID-19) महामारी को देखते हुए देशी और विदेशी मदिरा की बिक्री पर ‘विशेष कोरोना शुल्क‘ लगाने का फैसला कैबिनेट की बैठक में सरकार ने लिया है। इसके तहत देशी मदिरा पर 10 रुपए प्रति बोतल तथा समस्त प्रकार की विदेशी मदिरा (स्प्रिट/माल्ट) के फुटकर विक्रय दर की 10 प्रतिशत की दर से विशेष कोरोना शुल्क लगाया जाएगा।

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