दिल्ली की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी प्लाज्मा थैरेपी से होगा कोरोना का इलाज

हेल्थ मिनिस्टर नरोत्तम मिश्रा की पहल पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने दी सहमति

इंदौर के अरविंदो मेडिकल कॉलेज में शुरु होगा नई पद्धति से ट्रीटमेंट

भोपाल। कोरोना के मामले में देश मे चौथे स्थान वाला मध्यप्रदेश में अब प्लाज्मा पद्धति से मरीजों का इलाज होगा। दिल्ली में इस पद्धति के अच्छे परिणाम मिले हैं।

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आज बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने इस बारे में उनका आग्रह स्वीकार कर लिया है। प्रदेश में सबसे ज्यादा मौत वाले इंदौर में इस थैरेपी से उपचार होगा। इंदौर के अरविंदो मेडिकल कॉलेज ने इसकी अनुमति मांगी है।

मिश्रा ने आज केंद्रीय मंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रदेश में कोरोना की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में कोरोना से हो रही मृत्यु दर में आई कमी। 10 प्रतिशत से घट कर 4.8 हुई है मृत्यु दर। प्रदेश में लगातार कोरोना के मामले कम हो रहे हैं।

नरोत्तम मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री को दी जानकारी

स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मप्र में 548 कंटेनमेंट क्षेत्र हैं, 26 लाख आबादी रहती है। 25 लाख का सर्वे कर चुके हैं। 1 लाख का 2 दिन के अंदर कर लेंगे।अब अगर नया क्षेत्र बनेगा तो हम तत्काल सर्वे करके उसे हाथ में लेंगे। खासी, जुखाम के अधिकांश मामलों को ठीक कर लिया गया है। मौतों की संख्या कम हुई है, स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं।

क्या है प्लाज्मा थैरेपी

इस पद्धति में कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति के खून से प्लाज्मा लेकर मरीज को चढ़ाया जाता है। इससे कोरोना संक्रमण को खत्म करने में मदद मिलती है। दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में इसका सफल परीक्षण हो चुका है। डॉक्टरों के अनुसार कोरोना से ठीक हुए लोगों के खून में एंटीबॉडी डेवलप हो जाती है, जो इस वायरस को मारने में कारगर है।

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