नक्सल पीड़ित परिवार को बस किराये में मिलेगी 50 प्रतिशत की छूट, ये होगी पात्रता


पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग लेते कलेक्टर दीपक सोनी.

पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग लेते कलेक्टर दीपक सोनी.

रायपुर (Raipur) में नक्सल प्रभावित परिवारों को राज्य में संचालित बसों (Buses) में 50 प्रतिशत किराये पर छूट मिलेगी. कलेक्टर (Collector) दीपक सोनी की अध्यक्षता में सुरक्षा एवं पुनर्वास की समीक्षा बैठक में यह बात कही गई है.

रायपुर. नक्सली पीड़ित परिवारों (Naxalite Affected Families) और आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्टर (Collector) दीपक सोनी की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव की उपस्थिति में सुरक्षा एवं पुनर्वास से संबंधित कार्ययोजना को कार्यान्वित करने एवं समीक्षा करने हेतु पुनर्वास समिति की बैठक आयोजित की गई.

इस बैठक में नक्सली हिंसा में मृत व्यक्तियों के प्रकरणों में सहायता कुआकोण्डा विकासखण्ड के अन्तर्गत ग्राम टिकनपाल निवासी शामसिंह ताती, ग्राम मड़कामीरास स्कूलपारा निवासी भीमे मरकाम, कटेकल्याण विकासखण्ड अंतर्गत निवासी काड़े मण्डावी, को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई.

नक्सली हिंसा में मृत व्यक्तियों के 06 प्रकरणों को स्वीकृति हेतु लंबित प्रकरण हैं, जिसमें तहसील बड़ेबचेली किरन्दुल तामोपारा निवासी स्वर्गीय अशोक कुंजाम पिता आयतू कुंजाम, किरन्दुल पटेलपारा निवासी स्व. हिड़िया कुंजाम उर्फ बण्डरा पिता स्व. पोदिया कुंजाम, ग्राम धुरवापारा पोटाली अरनपुर निवासी स्व. माड़वी भीमा पिता माड़वी सिंगा, ग्राम धुरवापारा पोटाली निवासी स्व. वेट्टी बजरंग पिता वेट्टी मासा, ग्राम डुवालीकरका स्कूलपारा निवासी स्व. लक्ष्मण मण्डावी पिता स्व. हांदा मण्डावी, ग्राम जूनापारा चोलनार निवासी स्व. पादिया मण्डावी पिता स्व. भदरू मण्डावी, के लंबित प्रकरण को जल्द से निपटारा करने के निर्देश दिये गये हैं. नक्सली हिंसा से मृत व्यक्ति के बच्चों को 25 वर्ष की उम्र तक उनकी शिक्षा एवं पुनर्वास कि लिये 14 बच्चों की वित्तीय सहायता प्रदान की गई.

नक्सली हिंसा में मृत व्यक्ति के परिवार को पुनार्वास कार्ययोजना के तहत आवश्यक सुविधाएं दिये जाने के संबंध में चर्चा हुई, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास आशीष बनर्जी को निर्देश दिया गया कि पीड़ित परिवार में ऐसे कम उम्र के बच्चे, जो 18 वर्ष से कम के हो और अध्ययनरत हो उन्हें समीप के आश्रम मे रहने की सुविधा एवं छात्रवृत्ति ठीक उसी प्रकार उपलब्ध कराई जाएगी, जैसे अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के बच्चों को उपलब्ध करायी जाती है.छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र: बीजेपी ने सदन में उठाया अवैध रेत खनन का मुद्दा, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मुख्य कार्यपालन अधिकारी अश्विनी देवांगन को निर्देश दिये कि नक्सल पीड़ित व्यक्तियों को ग्रामीण विकास विभाग की आवास एवं स्वरोजगार संबंधी विभिन्न प्रचलित योजनाओं के अन्तर्गत पात्रता प्राथमिकता देते हुए सहायता दी जायेगी. जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग बृजेन्द्र सिंह ठाकुर को निर्देश दिये कि नक्सल पीड़ित महिलाओं का महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जायेगा. साथ ही उन्हें शासन की प्रचलित योजना का सदस्य बनाकर कुटीर उद्योगों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जायेगा. इनके उत्पादों के विक्रय हेतु बाजार उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जायेगा.

साथ ही कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को निर्देश दिये कि छत्तीसगढ़ में निवासरत नक्सल पीड़ित परिवार कि लिए ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के अन्तर्गत न्यूनतम दर निर्धारित खाद्यान्न प्राप्त करने की पात्रता होगी. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विरेन्द्र ठाकुर ने निर्देश दिये कि छत्तीसगढ़ में निवासरत नक्सल पीड़ित परिवार के लिए ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना’ के अन्तर्गत प्राप्त सुविधाओं की पात्रता होगी. जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिये छत्तीसगढ़ में निवासरत नक्सल पीड़ित परिवार को प्रदेश के अंदर संचालित बसों में ‘यात्री किराये में 50 प्रतिशत छूट’ की पात्रता होगी.









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