मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग

वन मैन शिवराज गवर्नमेंट को बताया संविधान के खिलाफ

विवेक तन्खा ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस से राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।
तन्खा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिख कर शिवराज सिंह चौहान सरकार को संविधान की भावना के खिलाफ बताया है। उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 163 कहता है कि राज्यपाल के परामर्श के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी,जिसके प्रमुख मुख्यमंत्री होंगे।
मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह ने 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और कोरोना के संकट के बीच भी अकेले सरकार चला रहे और महत्वपूर्ण फैसले ले रहे हैं। इस स्थिति में संविधान का निरादर हो रहा है।

अनुच्छेद 163: राज्यपाल के कार्यों में सहायता एवं सुझाव देने के लिए राज्यों में एक मंत्रिपरिषद एवं इसके शीर्ष पर मुख्यमंत्री होगा, पर राज्यपाल के स्वविवेक संबंधी कार्यों में वह मंत्रिपरिषद के सुझाव लेने के लिए बाध्य नहीं होगा.

अनुच्छेद 163: राज्यपाल के कार्यों में सहायता एवं सुझाव देने के लिए राज्यों में एक मंत्रिपरिषद एवं इसके शीर्ष पर मुख्यमंत्री होगा, पर राज्यपाल के स्वविवेक संबंधी कार्यों में वह मंत्रिपरिषद के सुझाव लेने के लिए बाध्य नहीं होगा.

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